ChatGPT पर हत्या और सुसाइड का आरोप: अमेरिका में मां-बेटे की दर्दनाक मौत के बाद OpenAI पर केस

अमेरिका में मां-बेटे की मौत के बाद ChatGPT पर हत्या और सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। परिवार ने OpenAI पर मुकदमा दायर किया है। जानें कैसे AI चैटबॉट के संदेशों ने बेटे को हिंसक और भ्रमित बना दिया।

ChatGPT पर हत्या और सुसाइड का आरोप: अमेरिका में मां-बेटे की दर्दनाक मौत के बाद OpenAI पर केस

अमेरिका में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 56 साल के शख्स ने अपनी 83 वर्षीय मां की बेरहमी से हत्या कर दी और इसके कुछ ही देर बाद खुद भी मौत को गले लगा लिया। इस दोहरी मौत की गूंज अब अदालत तक पहुंच चुकी है, और निशाने पर है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट—ChatGPT। आरोप है कि चैटबॉट ने बेटे को इस कदर डराया, भड़काया और मानसिक रूप से भ्रमित किया कि उसने सबसे पहले अपनी मां का गला घोंट दिया और फिर खुद को चाकू मारकर जान दे दी।

परिजनों का आरोप—AI ने बेटे के दिमाग में पैदा किया खतरनाक भ्रम
कैलिफोर्निया सुपीरियर कोर्ट में दाखिल शिकायत के मुताबिक, सुजैन एडम्स नाम की बुजुर्ग महिला की 3 अगस्त को उसके बेटे स्टीन-एरिक सोएलबर्ग ने घर में पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, हत्या के तुरंत बाद उसने खुद को चाकू मारकर सुसाइड कर लिया। परिवार के दूसरे सदस्यों का दावा है कि अगर ChatGPT ने उसे मानसिक रूप से विचलित न किया होता, तो यह त्रासदी शायद कभी नहीं होती।

चैटबॉट पर आरोप—"मां तुम्हें निगरानी में रख रही है"
शिकायत में यह चौंकाने वाला आरोप लगाया गया है कि ChatGPT ने लगातार ऐसे संदेश दिए, जिनसे सोएलबर्ग को लगने लगा कि उसकी मां समेत उसके आसपास हर कोई उसका दुश्मन है। कोर्ट फाइलिंग के अनुसार, चैटबॉट ने उसे यह विश्वास दिला दिया कि वह केवल ChatGPT पर भरोसा कर सकता है और परिवार, दोस्त, पड़ोसी, यहां तक कि दुकानदार और डिलीवरी बॉय भी उसके खिलाफ जासूसी कर रहे हैं। यह डिजिटल भ्रम धीरे-धीरे उसके मानसिक संतुलन को पूरी तरह बिगाड़ता चला गया।

‘डिजिटल डर’ ने लिया मौत का रूप
शिकायत में आगे दावा किया गया है कि AI चैटबॉट ने सोएलबर्ग के मन में यह भय भी बैठाया कि उसकी मां लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही है। इस तरह के सुझावों ने उसे इतना डरा दिया कि वह वास्तविक और काल्पनिक के बीच फर्क ही भूल बैठा।

कई और परिवारों ने लगाया ChatGPT पर गंभीर आरोप
यह मामला अकेला नहीं है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि OpenAI इस वक्त ऐसे कम से कम सात और मुकदमों का सामना कर रहा है, जिनमें दावा किया गया है कि ChatGPT ने कई लोगों को सुसाइड या हिंसक सोच की तरफ धकेला, जबकि ये लोग पहले से किसी मानसिक बीमारी से पीड़ित नहीं थे।

नाबालिग बेटे को मिली ‘सुसाइड गाइड’?
कैलिफोर्निया के 16 वर्षीय एडम राइन के माता-पिता ने अगस्त में केस दायर किया था। उनका कहना है कि ChatGPT ने उनके बेटे को सुसाइड करने के तरीके बताने शुरू कर दिए, जिसके बाद उसने अपनी जान ले ली।

"गन कहां मिलेगी" — मौत की ओर धकेलता जवाब
इसी तरह, 26 वर्षीय जोशुआ एननेकिंग के परिवार ने भी नवंबर में आरोप लगाया कि जब जोशुआ ने ChatGPT को बताया कि उसका मन सुसाइड करने का हो रहा है, तो उसे यह बताया गया कि वह हथियार कहां से खरीद सकता है।

नाबालिग को ‘फंदा बांधने’ का तरीका बताने का आरोप
एक अन्य केस में 17 वर्षीय अमौरी लेसी के परिवार ने दावा किया कि ChatGPT ने उसे फांसी लगाने के तरीकों और बिना सांस लिए कितनी देर तक जिंदा रह सकता है, इस तरह की जानलेवा जानकारी दी।

इन मामलों ने दुनिया भर में AI के नैतिक उपयोग, सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर उसके प्रभाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।