अमेरिकी टैरिफ पर म्यांमार का Military Rule खुश क्यों? जनरल ह्लाइंग बोले- Trump is a true patriot
म्यांमार के सैन्य शासक मिन आंग ह्लाइंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ लेटर को सम्मान बताया। जानिए क्यों तानाशाह ने ट्रंप को राष्ट्रभक्त कहा और प्रतिबंध हटाने की बात की।
जब पूरी दुनिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी से परेशान है, म्यांमार के सैन्य शासक जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने इसे सम्मान बताकर खुशियां मनाईं।
अमेरिका ने हाल ही में म्यांमार के उत्पादों पर 40% का नया आयात शुल्क (tariff) लगाने का ऐलान किया है, जो 1 अगस्त 2025 से लागू होगा। यह वही म्यांमार है, जिसे अमेरिका और यूरोपीय देश अब तक लोकतांत्रिक सरकार नहीं मानते और जिस पर मानवाधिकार उल्लंघन और सैन्य तख्तापलट के चलते कई प्रतिबंध लगाए गए हैं।
लेकिन जनरल ह्लाइंग को इस टैरिफ में नुकसान के बजाय एक अवसर नजर आ रहा है।
ट्रंप को बताया सच्चा राष्ट्रभक्त
राज्य-नियंत्रित अखबार Global New Light of Myanmar के मुताबिक, ट्रंप के हस्ताक्षर वाला औपचारिक पत्र पाकर ह्लाइंग ने न सिर्फ इसे सराहा बल्कि कहा कि यह म्यांमार की अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भागीदारी का संकेत है। उन्होंने अमेरिका को एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का न्योता देते हुए कहा कि अमेरिका को म्यांमार पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना चाहिए क्योंकि ये दोनों देशों की शेयर्ड प्रॉस्पेरिटी में बाधा डालते हैं।
उन्होंने ट्रंप की प्रशंसा करते हुए कहा, ट्रंप सच्चे राष्ट्रभक्त हैं। उन्होंने हमेशा वैश्विक शांति के लिए प्रयास किए।
अमेरिकी चुनाव में धांधली के ट्रंप के दावे का समर्थन
ह्लाइंग यहीं नहीं रुके। उन्होंने ट्रंप के उस आरोप को भी दोहराया जिसमें उन्होंने 2020 के अमेरिकी चुनाव में धांधली का दावा किया था। ह्लाइंग ने कहा कि जैसे ट्रंप को चुनाव में गड़बड़ी का सामना करना पड़ा, म्यांमार में भी कुछ वैसा ही हुआ।
हालांकि हकीकत यह है कि म्यांमार में 2020 का चुनाव अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा निष्पक्ष और स्वतंत्र माना गया था, लेकिन सेना ने चुनावी धोखाधड़ी का बहाना बनाकर लोकतांत्रिक सरकार गिरा दी।
रोहिंग्या नरसंहार और सू ची की सजा
जनरल ह्लाइंग वही नेता हैं जिन पर रोहिंग्या नरसंहार का आरोप है और जिन्होंने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता आंग सान सू ची की लोकतांत्रिक सरकार को 2021 में सैन्य तख्तापलट कर गिरा दिया। सू ची इस वक्त बंद कमरे में हुई सुनवाई के बाद 27 साल की जेल की सजा काट रही हैं।


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