तुम हमारा पानी रोकोगे तो हम तुम्हारी सांस बंद कर देंगे, सिंधु पर पाकिस्तान की गीदड़भभकी

अहमद शरीफ ने हाल ही में पाकिस्तान की एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में संबोधन के दौरान भारत को खुले तौर पर धमकी दी। उन्होंने कहा, अगर हमारा पानी रोकोगे तो हम तुम्हारी सांस रोक देंगे। यह बयान न केवल उकसाने वाला है, बल्कि इसकी भाषा भी पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद द्वारा दिए गए पुराने बयानों से मेल खाती है।

तुम हमारा पानी रोकोगे तो हम तुम्हारी सांस बंद कर देंगे,  सिंधु पर पाकिस्तान की गीदड़भभकी
Pakistan Army spokesman Lieutenant General Ahmed Sharif

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ ने हाल ही में भारत को सिंधु जल संधि स्थगित करने के फैसले पर गीदड़भभकी दी है। यह विवाद तब गहराया जब भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को निलंबित करने का निर्णय लिया। पाकिस्तान की ओर से इस निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया दी गई है। अहमद शरीफ ने हाल ही में पाकिस्तान की एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में संबोधन के दौरान भारत को खुले तौर पर धमकी दी। उन्होंने कहा, अगर हमारा पानी रोकोगे तो हम तुम्हारी सांस रोक देंगे। यह बयान न केवल उकसाने वाला है, बल्कि इसकी भाषा भी पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद द्वारा दिए गए पुराने बयानों से मेल खाती है।

भारत का रुख
भारत ने सिंधु जल संधि स्थगित करने का कारण पाकिस्तान की ओर से बढ़ते सीमा पार आतंकवाद और हालिया पहलगाम आतंकी हमले को बताया है। भारत का मानना है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं करता, तब तक इस तरह के कड़े कदम उठाए जाएंगे।

आतंकी भाषा का उपयोग
अहमद शरीफ का बयान पाकिस्तान की सेना और आतंकी समूहों के बीच की नजदीकी को दर्शाता है। "सांस रोकने" जैसी धमकी देना न केवल अपरिपक्वता का परिचायक है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की छवि को और खराब करता है।

सिंधु जल संधि: एक ऐतिहासिक समझौता
सिंधु जल संधि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई थी, जिसमें सिंधु नदी प्रणाली की जल वितरण व्यवस्था तय की गई। यह संधि विश्व की सबसे प्रभावशाली जल समझौतों में से एक मानी जाती है। भारत के हालिया निर्णय से पाकिस्तान ने इसे एक "सहमति का उल्लंघन" करार दिया है।

विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान के इस प्रकार के उग्र बयान उसकी बढ़ती आंतरिक और आर्थिक समस्याओं से ध्यान हटाने का प्रयास है। इसके अलावा, भारतीय सुरक्षा विश्लेषकों ने इस बयान को गंभीरता से लेते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

भारत का कड़ा जवाब अपेक्षित
भारत इस बयान पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर कड़ा जवाब देने की तैयारी में है। पाकिस्तान की इस प्रकार की उग्रता को रोकने के लिए भारत अब सिंधु जल संधि के प्रावधानों पर पुनर्विचार कर सकता है। यह घटना भारत-पाक संबंधों में पहले से तनावपूर्ण स्थिति को और बढ़ा सकती है। दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर आने वाले समय में और तीखा टकराव हो सकता है।