'अगर पत्नी झूठ बोले या धोखा दे, तब...' जानिए क्या कहा प्रेमानंद महाराज ने?

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज ने हाल ही में प्रवचन में कहा कि अगर पत्नी झूठ बोले या धोखा दे, तो पति को गुस्सा नहीं बल्कि और अधिक प्रेम दिखाना चाहिए। महाराज जी ने सहनशीलता और प्रेम को सच्चा धर्म बताया।

'अगर पत्नी झूठ बोले या धोखा दे, तब...' जानिए क्या कहा प्रेमानंद महाराज ने?
Premanand Ji Maharaj

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज अपने जीवनदर्शी विचारों और अध्यात्मिक प्रवचनों के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध हैं। उनके उपदेश न केवल भक्तों के जीवन को दिशा देते हैं बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और धैर्य का भाव भी जगाते हैं। हाल ही में महाराज जी का एक नया प्रवचन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने एक बेहद संवेदनशील विषय — पति-पत्नी के संबंधों में झूठ, धोखा और सहनशीलता — पर विस्तार से बात की।

भक्त ने पूछा — पत्नी झूठ बोले और साथ न दे तो क्या करें?
एक भक्त ने प्रेमानंद जी महाराज से प्रश्न किया, अगर पत्नी झूठ बोलती है, कटु वचन कहती है या साथ नहीं देती, तो ऐसे में पति को क्या करना चाहिए? इस सवाल पर महाराज जी ने अत्यंत शांत और गहरे शब्दों में जवाब दिया — अगर पत्नी झूठ बोले या छल करे, तो आपको उसे और ज्यादा प्रेम देना चाहिए। उसका विरोध नहीं करना चाहिए, क्योंकि प्रेम ही सबसे बड़ी साधना है।


'पति का धर्म है — प्रेम देना, क्रोध नहीं करना'
महाराज जी ने समझाया कि पति का पहला कर्तव्य पत्नी को प्रेम देना और सुविधा देना है। अगर वह अपने कर्तव्यों को भूल भी जाए, तो पति को अपने कर्तव्यों से विचलित नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा — अगर पत्नी कड़वे वचन बोले या आपको दुख दे, तब भी आपके प्रेम में कोई कमी नहीं आनी चाहिए। आपका कर्तव्य है प्रेम देना, बाकी उसका कर्तव्य भगवान देखेंगे।

'पत्नी में भी भगवान हैं, विरोध मत करो'
महाराज जी ने बताया कि हर व्यक्ति में भगवान का अंश होता है, इसलिए पत्नी का अपमान या विरोध करना ईश्वर का विरोध करने जैसा है। उन्होंने कहा कि पति को केवल सलाह देनी चाहिए, लेकिन यदि पत्नी न माने तो उसे ज़बरदस्ती या गुस्से से नहीं, बल्कि शांति और धैर्य से संभालना चाहिए। आपके कर्म आपके साथ हैं, और उसके कर्म उसके साथ। अगर आप सहन करना सीख जाते हैं, तो घर भी बचेगा और मन की शांति भी बनी रहेगी।

'सहनशीलता ही रिश्तों की सबसे बड़ी शक्ति है'
प्रेमानंद जी महाराज ने आधुनिक समाज पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आज लोगों में सहनशीलता की भारी कमी है। छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा, अलगाव और तलाक जैसी घटनाएं इसी अधैर्य का परिणाम हैं। उन्होंने कहा — अगर हम बर्दाश्त करना सीख जाएं तो अपने परिवार को बचा सकते हैं। जो व्यक्ति सहनशील होता है, वही सच्चा साधक होता है।

प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, जीवन की हर कठिन परिस्थिति में प्रेम, धैर्य और शांति ही सर्वोत्तम उत्तर हैं। अगर पत्नी या जीवनसाथी धोखा दे या साथ न दे, तब भी हमें नफरत नहीं, बल्कि करुणा और प्रेम से जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा — जो क्रोध को प्रेम में बदल दे, वही सच्चा गृहस्थ और सच्चा भक्त है।