समृद्धि यात्रा में बिजली व्यवस्था पर सख्त नजर: शिवहर में एमडी राहुल कुमार का औचक निरीक्षण

समृद्धि यात्रा के दौरान नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी और बीएसपीटीसीएल के एमडी राहुल कुमार ने शिवहर में विद्युत उपकेंद्र, फ्यूज कॉल सेंटर और कार्यालय का औचक निरीक्षण कर एसओपी पालन, त्वरित शिकायत निवारण और तकनीकी सुधार के निर्देश दिए।

समृद्धि यात्रा में बिजली व्यवस्था पर सख्त नजर: शिवहर में एमडी राहुल कुमार का औचक निरीक्षण

समृद्धि यात्रा के क्रम में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड और बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार ने शिवहर पहुंचकर बिजली व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखी। इस दौरान उन्होंने विद्युत शक्ति उपकेंद्र, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल कार्यालय और फ्यूज कॉल सेंटर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना रहा।

एसओपी पालन पर विशेष जोर
विद्युत शक्ति उपकेंद्र के निरीक्षण के दौरान प्रबंध निदेशक ने अधिकारियों और कर्मियों को मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी का पूरी सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों और तकनीकी नियमों में किसी भी तरह की लापरवाही बिजली आपूर्ति और कर्मचारियों, दोनों के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।

फ्यूज कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली की समीक्षा
फ्यूज कॉल सेंटर में पहुंचकर राहुल कुमार ने फ्यूज से जुड़े कार्यों, बिल संशोधन की प्रक्रिया और उपभोक्ता शिकायतों के निस्तारण की गति की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का त्वरित निष्पादन प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

जनसंवाद में उपभोक्ताओं से सीधा संवाद
‘सात निश्चय 3’ योजना के तहत विद्युत कार्यालय में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में प्रबंध निदेशक ने उपभोक्ताओं से सीधे बातचीत की। इस दौरान लोगों ने बिजली बिल में गड़बड़ी, आपूर्ति बाधित होने और शिकायतों के समाधान में देरी जैसी समस्याएं रखीं। राहुल कुमार ने संबंधित विद्युत अभियंताओं को निर्देश दिया कि बिल संशोधन और शिकायत निवारण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

तकनीकी खामियों पर सुधार के निर्देश
निरीक्षण के दौरान प्रबंध निदेशक ने ट्रांसफॉर्मर, फीडर और सर्विस लाइन में आने वाली खराबियों के कारणों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि तकनीकी कमियों की समय रहते पहचान और सुधार से ही बिजली आपूर्ति में आने वाले व्यवधान को रोका जा सकता है। इसके लिए नियमित जांच और रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।