अमेरिका के 25% टैरिफ के झटके से टूटा शेयर बाजार: सेंसेक्स 800 और निफ्टी 200 अंक लुढ़का, निवेशकों को ₹3 लाख करोड़ का नुकसान

1 अगस्त 2025 से लागू होने वाले अमेरिकी टैरिफ के चलते भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। सेंसेक्स 800 और निफ्टी 213 अंक लुढ़के। मिडकैप-स्मॉलकैप भी टूटे और ₹3 लाख करोड़ की पूंजी डूबी। जानिए पूरी रिपोर्ट।

अमेरिका के 25% टैरिफ के झटके से टूटा शेयर बाजार: सेंसेक्स 800 और निफ्टी 200 अंक लुढ़का, निवेशकों को ₹3 लाख करोड़ का नुकसान
BSE

गुरुवार सुबह भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली, जिसकी प्रमुख वजह रही अमेरिका द्वारा भारत के कुछ उत्पादों पर 25% आयात शुल्क (25% Import Tariff) लगाने की घोषणा। यह घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से की गई, जो 1 अगस्त 2025 से प्रभाव में आएगी।

सेंसेक्स 800 अंक गिरा, निफ्टी 24,650 के नीचे
बीएसई सेंसेक्स ने 80,695.50 के स्तर पर शुरुआत की, जो पिछले बंद 81,481.86 से करीब 786 अंक नीचे था। कारोबार शुरू होते ही बाजार में गिरावट और गहराई और सेंसेक्स 80,695.15 के निचले स्तर तक पहुंच गया। उधर, निफ्टी 50 ने 24,642.25 पर शुरुआत की और शुरुआती घंटे में 24,635.00 तक फिसल गया।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी टूटे
केवल बड़ी कंपनियों ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 2% तक की गिरावट दर्ज की गई। यह संकेत है कि व्यापक बाजार पर भी निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है।

3 लाख करोड़ रुपये की पूंजी स्वाहा
शेयर बाजार खुलते ही केवल 10 मिनट में बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण ₹452 लाख करोड़ से घटकर ₹449 लाख करोड़ रह गया। यानी लगभग ₹3 लाख करोड़ की संपत्ति निवेशकों की जेब से उड़ गई।

ट्रंप सरकार के टैरिफ से बढ़ा व्यापारिक तनाव
अमेरिका के इस टैरिफ फैसले ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में तनाव की आशंका को बढ़ा दिया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक दोनों देशों के बीच कोई संतुलित समाधान नहीं निकलता, तब तक बाजार की अस्थिरता बनी रह सकती है।

क्या निवेशकों को घबराना चाहिए?
बाजार विश्लेषकों की राय है कि इस फैसले का असर अल्पकालिक हो सकता है, लेकिन जब तक सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आती या अमेरिका की नीति में नरमी नहीं दिखती, बाजार दबाव में रह सकता है। निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, खासकर उन कंपनियों में जिनका अमेरिकी बाजार से सीधा जुड़ाव है।