अमेरिका में टूरिज्म इंडस्ट्री का संकट: विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट, वीज़ा शुल्क और टैरिफ ने बिगाड़ा हाल

अमेरिका की टूरिज्म इंडस्ट्री 2025 में भारी संकट का सामना कर रही है। वीज़ा शुल्क, राजनीतिक बयानबाज़ी और टैरिफ की वजह से विदेशी पर्यटकों की संख्या में 8.2% की गिरावट दर्ज की गई है। जानिए, कैसे चीन और अन्य देश रिकॉर्ड पर्यटन कमाई कर रहे हैं जबकि अमेरिका पिछड़ रहा है।

अमेरिका में टूरिज्म इंडस्ट्री का संकट: विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट, वीज़ा शुल्क और टैरिफ ने बिगाड़ा हाल

दुनिया के ज्यादातर देशों में पर्यटन सेक्टर रफ्तार पकड़ रहा है, लेकिन अमेरिका में हालात उलट हैं। 2025 में अमेरिकी टूरिज्म इंडस्ट्री मंदी के दौर से गुजर रही है। आंकड़ों के अनुसार, इस साल विदेशी पर्यटकों के खर्च में करीब 12.5 बिलियन रुपये तक की गिरावट आ सकती है।

दुनिया में अकेला देश जहां पर्यटन घटा
टूरिज्म इकोनॉमिक्स की रिपोर्ट बताती है कि 184 देशों में से सिर्फ अमेरिका ही ऐसा देश है जहां पर्यटन का ग्राफ नीचे जा रहा है। वीज़ा शुल्क में लगातार बढ़ोतरी, कड़े इमिग्रेशन नियम, राजनीतिक बयानबाज़ी और बढ़ते टैरिफ इसके प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।

वीज़ा शुल्क ने बढ़ाई पर्यटकों की मुश्किल
ट्रंप-युग की नीतियां और हालिया वीज़ा नियम पर्यटकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं। अमेरिका ने नया Visa Integrity Fee $250 (करीब ₹21,500) लागू किया है। अब एक Tourist Visa की कुल लागत लगभग $442 (करीब ₹40,000) हो गई है। यह दुनिया की सबसे महंगी वीज़ा लागतों में गिनी जा रही है।

इसका सीधा असर यह हुआ कि 2024 के अंत तक जहां उम्मीद थी कि 2025 में पर्यटकों की संख्या 9% बढ़ेगी, वहीं अब अनुमान है कि इसमें 8.2% की गिरावट आएगी।

पर्यटन से कमाई पर भी गहराया असर
2024 में अमेरिकी पर्यटन उद्योग ने करीब 184 अरब रुपये कमाए थे। लेकिन 2025 में यह आंकड़ा घटकर सिर्फ 169 अरब रुपये रहने का अनुमान है। इसका सबसे ज्यादा असर होटल, एयरलाइन, रेस्टोरेंट और शॉपिंग जैसे सेक्टर पर पड़ रहा है, क्योंकि अवकाश यात्राएं (Leisure Travel) बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

कनाडा से आने वाले पर्यटकों में गिरावट
अमेरिका के लिए कनाडा सबसे बड़ा विदेशी पर्यटकों का स्रोत है। लगभग 28% अंतरराष्ट्रीय पर्यटक कनाडा से आते हैं। लेकिन हाल के महीनों में कनाडा से अमेरिका आने वाले यात्रियों में 35–43% की गिरावट दर्ज की गई है। सिएटल जैसे शहरों में विदेशी पर्यटकों का चौथाई हिस्सा कम हो गया है। इसके पीछे राजनीतिक तनाव और वीज़ा-आव्रजन की सख्ती अहम कारण माने जा रहे हैं।

बिज़नेस ट्रैवल स्थिर, लेकिन Leisure Travel पर असर
अमेरिका में Business Travel (व्यावसायिक यात्राएं) लगभग स्थिर बनी हुई हैं। कंपनियां अभी भी कॉन्फ्रेंस, मीटिंग और निवेश के लिए अमेरिका का रुख कर रही हैं। लेकिन Leisure Travel (अवकाश यात्राएं) बुरी तरह प्रभावित हैं, जिससे अमेरिकी टूरिज्म से जुड़ी इंडस्ट्रीज की कमाई में सबसे ज्यादा गिरावट आई है।

चीन और अन्य देशों का बढ़ता पर्यटन
जहां अमेरिका पर्यटकों को खो रहा है, वहीं चीन, कोलंबिया और कई अन्य देशों ने पर्यटन से रिकॉर्ड कमाई की है। चीन ने महामारी से पहले की तुलना में 10.3% अधिक पर्यटन राजस्व दर्ज किया है। इसके उलट अमेरिका में कड़े नियम और राजनीतिक बयानबाज़ी ने न सिर्फ पर्यटकों की संख्या घटाई है, बल्कि देश की छवि पर भी नकारात्मक असर डाला है।