पटन देवी ही नहीं पटना के इस भव्य मंदिर में भी भक्तों को मिलता है चमत्कारी आशीर्वाद!
बिहार के पटना जिले में स्थित बिहटा माता बन देवी मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि चमत्कार और आस्था का प्रतीक है. सैकड़ों वर्षों से यह मंदिर श्रद्धालुओं के विश्वास का केंद्र बना हुआ है. मान्यता है कि जो भी सच्चे मन से माता के दर्शन करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती
पटन देवी ही नहीं पटना के इस मंदिर में भी भक्तों को मिलता है चमत्कारी आशीर्वाद, नवरात्रि में उमरती है श्रद्धालुओं का भीड़!
बिहार के पटना जिले में स्थित बिहटा माता बन देवी मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि चमत्कार और आस्था का प्रतीक है. सैकड़ों वर्षों से यह मंदिर श्रद्धालुओं के विश्वास का केंद्र बना हुआ है. मान्यता है कि जो भी सच्चे मन से माता के दर्शन करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. खासतौर पर नवरात्रि और प्रमुख पर्वों के दौरान यहां भक्तों का सैलाब उमड़ता है.इस मंदिर की स्थापना के पीछे एक अनोखी कथा जुड़ी हुई है. यहाँ के स्थानीय जानकारों के अनुसार करीब 400 साल पहले पंडित विध्यानंद बाबा, जो विंध्याचल माता के परम भक्त थे, ने माता की घोर तपस्या की. वृद्धावस्था में विंध्याचल जाने में असमर्थ होने के कारण माता ने स्वप्न में उन्हें आदेश दिया कि वे अपने गांव के पास माता का पिंड स्थापित करें.

(PIC COURTESY- SOCIAL MEDIA)
इसके बाद बाबा ने मिश्रीचक (राघोपुर) के जंगल में माता की स्थापना की और तभी से यहां भक्तों का आना शुरू हो गया.वही 1959 में भगवान दास त्यागी नामक महात्मा ने यहां यज्ञ करवाया, जिसके बाद माता का एक छोटा मंदिर बनाया गया. बाद में 1997 में एक ग्यारह सदस्यीय कमेटी ने माता का भव्य मंदिर बनवाया, जो आज श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है.बिहटा माता बन देवी मंदिर को एक शक्तिपीठ के रूप में माना जाता है, जहां भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है. तो वही यहां आने वाले श्रद्धालु देवी के अलौकिक चमत्कारों का अनुभव करते हैं.

यहाँ आने वाले स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर के आसपास कोई भी सांप या बिच्छू किसी को नहीं काटता. इसे माता की शक्ति और कृपा का प्रतीक माना जाता है, जो भक्तों की रक्षा करती हैं.मंदिर का परिसर हरे-भरे पेड़ों और शांत वातावरण से घिरा हुआ है, जिससे यहां आने वाले भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति का अनुभव होता है,तो वही बिहटा माता बन देवी मंदिर पटना जिले के दानापुर अनुमंडल में स्थित है. पटना से इसकी दूरी 35 किलोमीटर है. यहां पहुंचने के लिए बस, ट्रेन और निजी वाहन की सुविधाएं उपलब्ध हैं.


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