गंधक नदी की बाढ़ से बिहार के चार जिलों में तबाही, चंपारण तटबंध टूटा, बगहा शहर में घुसा पानी
उत्तर बिहार में गंडक नदी के बढ़े जलस्तर ने गंभीर बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। पश्चिम चंपारण के बगहा क्षेत्र में चंपारण तटबंध में कई जगह breach की पुष्टि हुई है और बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों व सड़कों तक पहुंच गया है। गंडक का जलस्तर बगहा गेज पर रिकॉर्ड 91.25 मीटर तक पहुंचा।
उत्तर बिहार में गंडक नदी के बढ़े जलस्तर ने गंभीर बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। पश्चिम चंपारण के बगहा क्षेत्र में चंपारण तटबंध में कई जगह breach की पुष्टि हुई है और बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों व सड़कों तक पहुंच गया है। गंडक का जलस्तर बगहा गेज पर रिकॉर्ड 91.25 मीटर तक पहुंचा।
बगहा नगर परिषद के मंगलपुर, कैलाशनगर, चखनी रजवटिया, रतवल और कालीघाट समेत कई इलाकों में पानी घुसने की खबर है। NH-727 के कुछ हिस्सों पर भी पानी चढ़ा और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा।
गंडक की बाढ़ का असर पश्चिम चंपारण के अलावा पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और सारण समेत अन्य जिलों में भी देखा जा रहा है। 29 सितंबर की सुबह बिहार जल संसाधन विभाग के रियल-टाइम आंकड़ों में गोपालगंज के डुमरियाघाट पर गंडक खतरे के निशान से ऊपर थी, जबकि पूर्वी चंपारण के चटिया में जलस्तर बढ़ रहा था।
तटबंध टूटने की लंबाई को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर है—आधिकारिक/एजेंसी रिपोर्ट में एक स्थान पर करीब 10 मीटर, जबकि कुछ स्थानीय रिपोर्टों में लगभग 150 फीट तक नुकसान बताया गया है। इसलिए वीडियो में “तटबंध का हिस्सा टूटा” कहना सबसे सटीक रहेगा।







