गोवा नाइट क्लब अग्निकांड में बड़ा एक्शन: चार टॉप मैनेजर गिरफ्तार, मालिक और इवेंट आयोजक भी जांच के घेरे में

गोवा नाइट क्लब अग्निकांड में बड़ी कार्रवाई। पुलिस ने चीफ जनरल मैनेजर समेत चार मैनेजरों को किया गिरफ्तार। क्लब मालिकों और इवेंट आयोजकों पर भी दर्ज हुआ आपराधिक मामला।

गोवा नाइट क्लब अग्निकांड में बड़ा एक्शन: चार टॉप मैनेजर गिरफ्तार, मालिक और इवेंट आयोजक भी जांच के घेरे में

गोवा के अरपोरा इलाके में हुए भीषण नाइट क्लब अग्निकांड के मामले में अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने क्लब संचालन से जुड़े चार वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि क्लब मालिकों और इवेंट आयोजकों के खिलाफ भी आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच एजेंसियां अब इस त्रासदी के पीछे छिपी लापरवाही और आर्थिक लेन-देन की परतें खोलने में जुट गई हैं।

शनिवार रात गोवा का मशहूर टूरिस्ट इलाका अरपोरा अचानक चीखों, धुएं और लपटों से भर गया, जब ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नामक नाइट क्लब में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते चमक-दमक से भरा यह क्लब आग के गोले में तब्दील हो गया। हादसे में 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें 20 कर्मचारी और 5 पर्यटक शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला।

लपटों से पहले धुएं ने छीनी सांसें
पुलिस और फायर डिपार्टमेंट की शुरुआती जांच में सामने आया है कि रात करीब 12 बजे एक संदिग्ध विस्फोट के बाद आग तेजी से फैल गई। क्लब के अंदर मौजूद कई लोग आग की लपटों से ज्यादा जहरीले धुएं का शिकार हो गए। ग्राउंड फ्लोर और किचन एरिया में फंसे लोग बाहर नहीं निकल सके और दम घुटने से उनकी मौत हो गई।

संकरी गलियों ने बढ़ाई तबाही, फायर ब्रिगेड देर से पहुंची
जिस जगह यह नाइट क्लब बना था, वहां पहुंचने का रास्ता बेहद संकरा था। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाईं। मजबूरी में पानी के टैंकरों को करीब 400 मीटर दूर ही रोकना पड़ा, जिससे आग पर काबू पाने में कीमती वक्त बर्बाद हुआ और नुकसान कई गुना बढ़ गया।

मृतकों की पहचान: कई राज्यों और नेपाल के लोग शामिल
सरकार ने सभी मृतकों की पहचान पूरी कर ली है। इस हादसे में उत्तराखंड के 5, नेपाल के 4, झारखंड और असम के 3-3, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के 2-2, पश्चिम बंगाल का 1 व्यक्ति, दिल्ली के 4 लोग जिनमें एक ही परिवार के 3 सदस्य शामिल हैं, और एक पर्यटक कर्नाटक से था। यह हादसा अब सिर्फ गोवा का नहीं, बल्कि पूरे देश की पीड़ा बन चुका है।

मुख्यमंत्री का बड़ा खुलासा: फायर सेफ्टी नियमों की खुली अनदेखी
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने माना कि शुरुआती जांच में साफ हुआ है कि क्लब में फायर सेफ्टी के बुनियादी नियमों का पालन नहीं किया गया था। न तो पर्याप्त आपात निकास थे और न ही आग से बचाव के जरूरी इंतजाम। यही लापरवाही इस भीषण त्रासदी की सबसे बड़ी वजह बनी।

3 वरिष्ठ अफसर सस्पेंड, 3 सदस्यीय जांच समिति गठित
सरकार ने उन तीन वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया है जिन्होंने वर्ष 2023 में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के बावजूद क्लब को संचालन की अनुमति दी थी। इसके साथ ही साउथ गोवा कलेक्टर, फायर सर्विसेज के उपनिदेशक और फॉरेंसिक लैब के निदेशक की तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है, जिसे एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपनी होगी।

घायलों का इलाज जारी, मुआवजे का ऐलान
इस हादसे में 6 लोग घायल हुए, जिनमें से 5 अभी अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। गोवा सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। बाहरी राज्यों और नेपाल के कर्मचारियों के शव उनके घर भेजने की भी व्यवस्था की गई है।
सब-हेड: घाव अभी ताजा, इलाज और राहत जारी

राष्ट्रपति, पीएम और गृह मंत्री ने जताया शोक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इस भीषण हादसे पर गहरा दुख जताया है। सभी ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।

अब राज्यभर में होगा सेफ्टी ऑडिट
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घोषणा की है कि अब गोवा में चल रहे सभी नाइट क्लबों, रेस्तरां और भीड़भाड़ वाले कार्यक्रम स्थलों की सुरक्षा जांच कराई जाएगी। जो भी बिना अनुमति या नियमों की अनदेखी करके चल रहा है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

भाजपा विधायक माइकल लोबो का बड़ा आरोप
गोवा बीजेपी विधायक माइकल लोबो ने दावा किया है कि पंचायत ने 2023 में बिना जरूरी दस्तावेजों के क्लब को लाइसेंस दे दिया था। न तो प्रदूषण बोर्ड की NOC थी और न ही वैध फायर लाइसेंस। उन्होंने कहा कि पर्यटन राज्य होने के नाते गोवा में सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।