रसोई गैस को लेकर डर क्यों? मोदी सरकार ने अमित शाह के नेतृत्व में बनाई निगरानी कमिटी

भारत में गैस और तेल की सप्लाई को लेकर अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने अमित शाह की अध्यक्षता में तीन मंत्रियों की कमिटी बनाई है, जो पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता की निगरानी करेगी।

रसोई गैस को लेकर डर क्यों? मोदी सरकार ने अमित शाह के नेतृत्व में बनाई निगरानी कमिटी
Amit shah

देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति लगातार बनी रहे और किसी तरह की कमी न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने एक उच्चस्तरीय कमिटी का गठन किया है। इस कमिटी की कमान देश के वरिष्ठ मंत्रियों को दी गई है। कमिटी का मुख्य काम यह देखना होगा कि देश में ईंधन और गैस की सप्लाई में कहीं कोई बाधा तो नहीं आ रही है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाए जा सकें।

तीन वरिष्ठ मंत्रियों को सौंपी जिम्मेदारी
इस कमिटी की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कर रहे हैं। इसके साथ ही विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को भी इसमें शामिल किया गया है। ये तीनों मंत्री मिलकर देश में तेल और गैस की उपलब्धता की लगातार निगरानी करेंगे और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए जरूरी फैसले लेंगे।

अफवाहों से बढ़ी सिलेंडर की मांग
इधर देश के कई बड़े शहरों में हाल के दिनों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिली हैं। दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और भोपाल जैसे शहरों में लोग सिलेंडर भरवाने के लिए घंटों इंतजार करते नजर आ रहे हैं। इसकी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया के कुछ देशों में चल रहे युद्ध और तनाव की खबरें बताई जा रही हैं, जिनसे लोगों में यह आशंका पैदा हो गई है कि आगे चलकर गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है या कीमतें बढ़ सकती हैं।

पैनिक बुकिंग से बाजार में हलचल
इन आशंकाओं के कारण कई लोग जरूरत से पहले ही गैस बुक कराने या अतिरिक्त सिलेंडर जमा करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे कई जगहों पर अचानक मांग बढ़ गई है और गैस एजेंसियों के बाहर भीड़ का माहौल बन गया है। हालांकि सरकार का कहना है कि यह स्थिति सिर्फ अफवाहों और डर की वजह से पैदा हुई है।

सरकार बोली—देश में पर्याप्त गैस स्टॉक
सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का भारत की घरेलू सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और बिना जरूरत के गैस बुकिंग से बचें, क्योंकि देश की ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है।