पनामा के मंदिर पहुंचे सांसद सरफराज अहमद, कहा- जब बुलाने वालों को ऐतराज नहीं, तो जाने वालों को ऐतराज क्यों होगा?

भारतीय सांसदों का एक दल ऑपरेशन सिंदूर के बाद अमेरिका, ब्राजील, कोलंबिया, पनामा और गुयाना के दौरे पर है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के सांसद सरफराज अहमद ने पनामा के एक मंदिर में पूजा-अर्चना कर सांप्रदायिक सौहार्द का अनूठा उदाहरण पेश किया।

पनामा के मंदिर पहुंचे सांसद सरफराज अहमद, कहा- जब बुलाने वालों को ऐतराज नहीं, तो जाने वालों को ऐतराज क्यों होगा?
पनामा के एक मंदिर में पूजा करते हुए सांसद सरफराज अहमद

ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। इसके बाद भारतीय सांसदों का एक दल विदेशों में भारत का पक्ष रखने और सांस्कृतिक संवाद बढ़ाने के लिए अमेरिका, ब्राजील, कोलंबिया, पनामा और गुयाना के दौरे पर है। इस दल का नेतृत्व कांग्रेस सांसद शशि थरूर कर रहे हैं।

पनामा के मंदिर में सरफराज अहमद की पूजा-अर्चना
इस दौरे के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा के सांसद सरफराज अहमद ने पनामा सिटी में स्थित भारतीय सांस्कृतिक केंद्र और मंदिर का दौरा किया। उन्होंने वहां पूजा-अर्चना कर सांप्रदायिक सौहार्द का एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया।

सांसद शशि थरूर की प्रतिक्रिया
शशि थरूर ने इस घटना को भावुक क्षण बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि मुस्लिम सांसद सरफराज अहमद को मंदिर में हिंदू और सिख सांसदों के साथ पूजा करते देखना दिल को छू लेने वाला अनुभव था।

सरफराज अहमद का बयान और संदेश
सरफराज अहमद ने मंदिर में दर्शन के बाद कहा, जब बुलाने वालों को ऐतराज नहीं, तो जाने वालों को ऐतराज क्यों होगा? उनके इस बयान की सर्वत्र सराहना हो रही है।

सरफराज अहमद का राजनीतिक सफर और उपलब्धियां
सरफराज अहमद, झारखंड मुक्ति मोर्चा के राज्यसभा सांसद हैं। उन्होंने चारों विधायी सदनों (विधानसभा, विधानपरिषद, लोकसभा और राज्यसभा) में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है। उन्होंने 1980 में कांग्रेस के टिकट पर राजनीति शुरू की और कई बार विधायक और सांसद चुने गए।