18 साल बाद RCB की पहली ट्रॉफी, लेकिन चिन्नास्वामी हादसे ने बदल दिया जश्न का रंग – 3 महीने बाद फ्रेंचाइजी का इमोशनल संदेश
आईपीएल 2025 में पहली बार ट्रॉफी जीतने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का जश्न चिन्नास्वामी स्टेडियम हादसे में मातम में बदल गया था। 4 जून को हुए हादसे में कई लोगों की जान चली गई। इसके बाद RCB के सोशल मीडिया अकाउंट्स 3 महीने तक खामोश रहे। अब 28 अगस्त को फ्रेंचाइजी ने "RCB Cares" राहतकोष की घोषणा की और फैंस से भावुक अपील की। पढ़ें विराट कोहली और RCB फैंस से जुड़ी पूरी कहानी।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bangalore) ने आईपीएल 2025 का खिताब जीतकर 18 साल पुराना इंतजार खत्म किया था। कप्तान रजत पाटीदार (Rajat Patidar) की अगुवाई में टीम ने पंजाब किंग्स को फाइनल में हराया और पहली बार ट्रॉफी उठाई।
फैंस के लिए यह ऐतिहासिक पल था, लेकिन जश्न का यह मौका महज़ 24 घंटे भी नहीं टिक पाया। 4 जून को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में आयोजित सेलिब्रेशन कार्यक्रम में बेकाबू भीड़ उमड़ पड़ी। भगदड़ मच गई और कई लोगों की जान चली गई। खुशी मातम में बदल गई और उसी दिन से RCB के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर खामोशी छा गई।
3 महीने बाद भावुक पोस्ट – 'ये चुप्पी अनुपस्थिति नहीं थी, बल्कि शोक था'
लगभग तीन महीने बाद, 28 अगस्त को RCB ने अपना पहला सोशल मीडिया पोस्ट साझा किया। फ्रेंचाइजी ने “RCB Cares” नाम से राहतकोष शुरू करने की घोषणा की और हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी।
RCB द्वारा शेयर किए गए संदेश में लिखा था – प्रिय 12th मैन आर्मी, हमें यहां आखिरी पोस्ट किए 3 महीने होने वाले हैं। हमारी चुप्पी अनुपस्थिति नहीं थी, बल्कि शोक था। 4 जून ने हमारी दुनिया बदल दी। तब से हम सुन रहे हैं, सीख रहे हैं और सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं बल्कि कुछ बड़ा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
'जश्न नहीं, देखभाल के साथ लौटे हैं' – RCB का भावुक संदेश
RCB ने आगे कहा – यह जगह पहले यादों और खुशियों से भरी थी, लेकिन 4 जून ने सब बदल दिया। इस घटना ने हमें तोड़ दिया। इसीलिए हमने RCB Cares बनाया – ताकि सम्मान दे सकें, घाव भर सकें और अपने फैंस के साथ खड़े रह सकें। आज हम यहां जश्न मनाने नहीं, बल्कि देखभाल और समर्थन के साथ लौटे हैं। हम कर्नाटक का गौरव बने रहेंगे।
विराट कोहली और RCB फैंस का टूटा सपना
विराट कोहली (Virat Kohli) टीम से 2008 के पहले सीज़न से जुड़े हुए हैं और यही एकमात्र खिलाड़ी हैं जिन्होंने पूरी यात्रा टीम के साथ बिताई है। 18 साल के लंबे इंतजार के बाद जब पहली बार ट्रॉफी हाथ लगी तो देशभर में फैंस ने जश्न मनाया। लेकिन अगले ही दिन हुआ हादसा इस खुशी को मातम में बदल गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सेलिब्रेशन कार्यक्रम जल्दबाजी में आयोजित किया गया था और मैनेजमेंट की तैयारी बेहद खराब रही। इसी वजह से स्टेडियम के बाहर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हुई।


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