कैसे हो भाई? लिफ्ट खुली, नज़रें मिलीं; 8 महीने बाद तेज प्रताप–तेजस्वी का आमना -सामना
RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव एक बार फिर दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में आमने-सामने आए। नौकरी के बदले ज़मीन मामले में अदालत के फैसले के दौरान दोनों भाइयों की दूरी साफ दिखी।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटे—तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव—गुरुवार को एक बार फिर सार्वजनिक रूप से आमने-सामने दिखाई दिए। हालांकि इस मुलाकात में भाईचारे की गर्मजोशी नज़र नहीं आई। बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने छोटे भाई तेजस्वी यादव से कोई बातचीत नहीं की। लालू यादव द्वारा तेज प्रताप को पार्टी और परिवार से अलग किए जाने के बाद यह दोनों भाइयों की महज दूसरी सार्वजनिक मौजूदगी थी, जिसने सियासी गलियारों में एक बार फिर चर्चाओं को हवा दे दी।
इससे पहले दोनों भाइयों को बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान पटना एयरपोर्ट पर एक साथ देखा गया था। वह भी एक संयोग मात्र था, जहां औपचारिक उपस्थिति तो रही, लेकिन रिश्तों की तल्ख़ी साफ झलक रही थी। इसके बाद से दोनों अलग-अलग रास्तों पर चलते नज़र आए और किसी भी सार्वजनिक मंच पर उनकी मुलाकात नहीं हुई थी।
राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी का दिन
दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में ‘नौकरी के बदले ज़मीन’ मामले की सुनवाई होनी थी। कोर्ट नंबर 410 में लालू परिवार के कई सदस्यों की पेशी तय थी। इस मामले में सीबीआई की चार्जशीट पर अदालत को फैसला सुनाना था। तय कार्यक्रम के अनुसार लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और उनकी बेटी मीसा भारती के साथ-साथ तेज प्रताप और तेजस्वी यादव को भी अदालत के सामने पेश होना था।
तेजस्वी और मीसा की देरी, कार्यवाही शुरू
अदालत की कार्यवाही शुरू होने तक लालू यादव, राबड़ी देवी और तेज प्रताप यादव कोर्ट पहुंच चुके थे, लेकिन तेजस्वी यादव और मीसा भारती कुछ देर से पहुंचे। इसी बीच कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। अदालत ने कहा कि चार्जशीट में नामजद लालू परिवार के सभी सदस्यों के खिलाफ अब मुकदमा चलेगा, जिससे इस बहुचर्चित मामले ने नया कानूनी मोड़ ले लिया।
लिफ्ट के बाहर हुआ आमना-सामना
फैसला सुनने और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तेज प्रताप यादव कोर्ट से बाहर निकले और पार्किंग की ओर जाने के लिए लिफ्ट का इंतज़ार करने लगे। कोर्ट नंबर 410 चौथी मंज़िल पर स्थित है। जैसे ही लिफ्ट चौथी मंज़िल पर आकर खुली, उससे तेजस्वी यादव बाहर निकले। पिछले करीब आठ महीनों से अलग-अलग रह रहे दोनों भाइयों की अचानक आमने-सामने नज़रें मिलीं।
नज़रें मिलीं, बातचीत नहीं बढ़ी
लिफ्ट से निकलते ही तेजस्वी यादव ने बड़े भाई से हालचाल पूछते हुए कहा, “कैसे हो भाई?” यह पल कैमरों और मौजूद लोगों की नज़रों से छिपा नहीं रहा। हालांकि इस छोटे से संवाद के बाद कोई और बातचीत नहीं हुई और दोनों अपने-अपने रास्ते चले गए। यह दृश्य न केवल पारिवारिक दूरी को दर्शाता रहा, बल्कि आरजेडी के भीतर चल रही सियासी खींचतान की भी झलक देता रहा।


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