यूपी में बाढ़ संकट: सीएम योगी के आदेश पर राहत कार्य तेज, वाराणसी समेत 17 जिले प्रभावित, 25,000 से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के 17 बाढ़ प्रभावित जिलों में NDRF, SDRF और PAC की 77 टीमें राहत कार्य में जुटीं। अब तक 25,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। जानिए पूरी रिपोर्ट।

यूपी में बाढ़ संकट: सीएम योगी के आदेश पर राहत कार्य तेज, वाराणसी समेत 17 जिले प्रभावित, 25,000 से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट
योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। सीएम के निर्देश के बाद अति संवेदनशील और संवेदनशील जिलों के प्रशासन हरकत में आ गए हैं।

NDRF, SDRF और PAC की कुल 77 टीमें राहत कार्यों में जुटी हैं। ये टीमें बाढ़ पीड़ितों को बचाव, भोजन, दवा और पशुचारा जैसी आवश्यक सेवाएं प्रदान कर रही हैं।

बाढ़ की मौजूदा स्थिति: 17 जिले और 694 गांव प्रभावित
राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि 17 जिलों की 40 तहसीलें और 694 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। अब तक 1,16,403 लोग प्रभावित हुए हैं। 373 मकान क्षतिग्रस्त, जिनमें से 356 को सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। 11,386 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है।

राहत व बचाव के आंकड़े 
- NDRF की 14, SDRF की 15, PAC की 48 टीमें तैनात।
- 738 नावें और मोटरबोट से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
- 4,867 नावें प्री-पोजीशंड की गई हैं।
- 924 बाढ़ शरणालयों में 18,772 लोग रह रहे हैं।
- अब तक 25,586 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

खाद्य व चिकित्सा राहत 
- 9,467 खाद्यान्न पैकेट और 1,18,769 लंच पैकेट वितरित।
- 39 लंगर सेंटर में रोजाना भोजन की व्यवस्था।
- 2,234 क्विंटल भूसा पशुओं के लिए वितरित।
- 1,57,168 क्लोरीन टेबलेट और 1,21,476 ORS पैकेट वितरित।
- 778 मेडिकल टीमें सक्रिय, लगातार मेडिकल चेकअप कर रहीं हैं।

प्रभावित जिले 
- कानपुर नगर
- लखीमपुर खीरी
- आगरा
- औरैया
- चित्रकूट
- बलिया
- बांदा
- गाज़ीपुर
- मीरजापुर
- प्रयागराज
- वाराणसी
- चंदौली
- जालौन
- कानपुर देहात
- हमीरपुर
- इटावा
- फतेहपुर

इन जिलों में NDRF, SDRF और PAC के जवान पेट्रोलिंग, रेस्क्यू ऑपरेशन और निगरानी कार्य कर रहे हैं।