उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव से पहले SIR शुरू, सपा ने साधा निशाना; डिंपल यादव बोलीं– 'सरकार डेमोक्रेसी को कमजोर कर रही है'
भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले SIR प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया है। सपा सांसद डिंपल यादव ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए, जबकि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस कदम को लोकतंत्र के लिए आवश्यक बताया।
भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश सहित देश के 12 राज्यों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू करने की घोषणा की है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। आयोग ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया पंचायत चुनाव से पहले पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है ताकि केवल योग्य मतदाता ही सूची में बने रहें।
डिंपल यादव का सरकार पर वार: “SIR की मंशा स्पष्ट नहीं”
इस घोषणा के तुरंत बाद समाजवादी पार्टी (SP) की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आई। सपा सांसद और मैनपुरी से लोकसभा सदस्य डिंपल यादव ने कहा कि “अगर चुनाव आयोग एसआईआर कराना चाहता है, तो कराइए, लेकिन सरकार की मंशा पर सवाल उठता है।”
उन्होंने आगे कहा, “आख़िर यह पुनरीक्षण क्यों कराया जा रहा है? क्या सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रही है?” डिंपल यादव ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
ब्रजेश पाठक का जवाब: “योग्य मतदाताओं की पहचान ज़रूरी”
वहीं, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने चुनाव आयोग के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “यह स्वागत योग्य कदम है। जिन लोगों को मतदाता सूची में नहीं होना चाहिए, उन्हें हटाना और सही पात्रों को शामिल करना आवश्यक है। इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होगी।”
कब और कैसे होगी SIR प्रक्रिया?
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि दूसरे चरण की SIR प्रक्रिया 28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 तक चलेगी, जिसमें प्रिंटिंग और ट्रेनिंग का कार्य होगा। इसके बाद 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक हाउस एन्यूमेरेशन फॉर्म (घर-घर जाकर जानकारी जुटाने का चरण) चलेगा। 9 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल प्रकाशित किया जाएगा, और 8 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगी। अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
किन 12 राज्यों में चलेगा दूसरा चरण
इस चरण में उत्तर प्रदेश के अलावा पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, पुडुचेरी, मध्य प्रदेश, लक्षद्वीप, केरल, गुजरात, गोवा, छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं।
SIR क्यों है महत्वपूर्ण
SIR यानी Special Intensive Revision एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें चुनाव आयोग पुराने रिकॉर्ड को अपडेट करता है, फर्जी या दोहरे नाम हटाए जाते हैं और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ा जाता है।
यह प्रणाली लोकतंत्र की नींव यानी मतदाता सूची की शुद्धता को सुनिश्चित करती है। पंचायत चुनावों से पहले यह कदम न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ाएगा बल्कि संभावित विवादों को भी कम करेगा।


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