अभय सिन्हा बने FIAPA के उपाध्यक्ष, भारतीय सिनेमा का वैश्विक मंच पर लहराया परचम
1937 में गठित इम्पा, अभय सिन्हा के नेतृत्व में एक गतिशील और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय संगठन बन गया है। भारतीय फिल्म निर्माताओं और कंटेंट क्रिएटर्स के हितों को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। कान्स फिल्म फेस्टिवल 2025 में इम्पा की भागीदारी के तहत 40 से अधिक भारतीय फिल्में और प्रतिनिधि शामिल हुए।
17 मई 2025 को फ्रांस के कान्स में आयोजित एफआईएपीए (इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन्स) की वार्षिक सभा में भारतीय फिल्म उद्योग के लिए ऐतिहासिक पल आया। इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (इम्पा) के प्रेसिडेंट अभय सिन्हा को सर्वसम्मति से एफआईएपीए का उपाध्यक्ष चुना गया। एफआईएपीए 30 से अधिक देशों के फिल्म निर्माताओं का प्रतिनिधित्व करने वाला वैश्विक संगठन है।
इम्पा के नेतृत्व में नई ऊंचाईयों पर भारतीय सिनेमा
1937 में गठित इम्पा, अभय सिन्हा के नेतृत्व में एक गतिशील और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय संगठन बन गया है। भारतीय फिल्म निर्माताओं और कंटेंट क्रिएटर्स के हितों को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। कान्स फिल्म फेस्टिवल 2025 में इम्पा की भागीदारी के तहत 40 से अधिक भारतीय फिल्में और प्रतिनिधि शामिल हुए।
फिल्म नीति और सब्सिडी सुधार में अहम योगदान
अभय सिन्हा ने भारत में फिल्म नीतियों और सब्सिडी प्रणाली को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई:
- महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, और उत्तराखंड जैसे राज्यों में फिल्म निर्माताओं को सब्सिडी प्रणाली से लाभ दिलाने का प्रयास।
- वर्चुअल प्रिंट फीस (वीपीएफ), कर सुधार, और प्रदर्शन संबंधी चुनौतियों पर काम किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सिनेमा की पहुंच
अभय सिन्हा ने भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहुंच को मजबूत किया।
- संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा विदेशी मनोरंजन कंटेंट पर प्रस्तावित 100% टैरिफ का विरोध।
- निष्पक्ष व्यापार नीतियों की मांग करते हुए भारतीय सिनेमा के रचनात्मक और आर्थिक हितों की रक्षा की।
यशी फिल्म्स और आईबीएफए के रचयिता
अभय सिन्हा ने यशी फिल्म्स के संस्थापक के रूप में 150 से अधिक फीचर फिल्में और 5,000 से ज्यादा टीवी एपिसोड बनाए। इंटरनेशनल भोजपुरी फिल्म अवार्ड्स (आईबीएफए) के जरिए भोजपुरी सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। आईबीएफए ने कई देशों में आयोजित होकर क्षेत्रीय सिनेमा को ग्लोबल मंच प्रदान किया।
एफआईएपीए उपाध्यक्ष बनने का महत्व
अभय सिन्हा का एफआईएपीए का उपाध्यक्ष बनना भारतीय सिनेमा के लिए एक निर्णायक क्षण है। यह भारतीय निर्माताओं को वैश्विक मंच पर मजबूत आवाज देगा। नए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और विकास के अवसर खोलेगा।


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