टिकट की रेस में जेडीयू कार्यकर्ता, CM नीतीश कुमार से सीधे मुलाकात में रखी दावेदारी

बिहार चुनाव 2025 से पहले जेडीयू कार्यकर्ताओं ने सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात कर टिकट की दावेदारी पेश की। महिलाएं भी बड़ी संख्या में पहुंचीं और कहा कि 48% महिला वोटर नीतीश सरकार के साथ हैं। जानिए किसने क्या कहा।

टिकट की रेस में जेडीयू कार्यकर्ता, CM नीतीश कुमार से सीधे मुलाकात में रखी दावेदारी
Bihar CM Nitish Kumar

बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार (Nitish Kumar) आज शुक्रवार को अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से सीधे मिले। राज्यभर के नेता और कार्यकर्ता सीएम आवास पहुंचे और चुनाव लड़ने की अपनी दावेदारी पेश की। खास बात यह रही कि कई महिलाएं भी इस मुलाकात में शामिल हुईं, जिन्होंने अपनी सक्रिय भागीदारी की मांग रखी।

बायोडेटा लेकर पहुंचे कार्यकर्ता
जानकारी के मुताबिक, पहले इन कार्यकर्ताओं ने जेडीयू कार्यालय में चुनाव लड़ने के लिए बायोडाटा जमा किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से उन्हें सीएम आवास बुलाया गया। मुलाकात के दौरान नीतीश कुमार ने हर कार्यकर्ता का बायोडाटा लिया और उनसे जमीनी हालात का फीडबैक भी सुना।

टिकट की उम्मीद में कार्यकर्ताओं का उत्साह
मुलाकात कर बाहर निकले कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे लंबे समय से पार्टी की सेवा कर रहे हैं और इस बार टिकट मिलने की उम्मीद रखते हैं। कई कार्यकर्ताओं ने कैमरे पर अपना नाम और वह सीट भी बताई, जहां से वे चुनाव लड़ना चाहते हैं। नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा के हरनौत से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे।

जमीनी नेताओं को टिकट की मांग
एक कार्यकर्ता ने कहा कि उन्होंने सीएम से आग्रह किया कि टिकट उन्हीं लोगों को दिया जाए जो जनता के बीच रहते हैं और लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं। इस पर नीतीश कुमार ने भरोसा दिलाया कि इस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

महिला कार्यकर्ताओं की दावेदारी
महिला कार्यकर्ताओं ने भी अपनी दावेदारी जोरदार तरीके से पेश की। उन्होंने कहा कि बिहार की 48% महिला वोटर नीतीश कुमार के साथ हैं, क्योंकि उनकी सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए हैं।

महिला नेताओं ने याद दिलाया कि नीतीश सरकार ने शराबबंदी लागू की, महिला रोजगार योजना के तहत खातों में राशि दी, सरकारी नौकरियों से लेकर पंचायत और नगर निकायों तक महिलाओं को आरक्षण दिया। जीविका समूह के जरिए 1.40 करोड़ महिलाएं आत्मनिर्भर बनीं।

उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि विधानसभा चुनाव में महिलाओं की उचित भागीदारी सुनिश्चित की जाए।