ट्रंप की टैरिफ धमकी पर भारत का दो टूक जवाब – दूसरों को सिखाने से पहले खुद झांके आईना

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ धमकी पर भारत ने दिया तीखा जवाब। विदेश मंत्रालय ने बताया कि यूरोप और अमेरिका खुद रूस से बड़े पैमाने पर व्यापार कर रहे हैं। जानें पूरी डिटेल।

ट्रंप की टैरिफ धमकी पर भारत का दो टूक जवाब – दूसरों को सिखाने से पहले खुद झांके आईना
PM Narendra Modi and US President Donald Trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत को टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि भारत रूस से सस्ता तेल खरीदकर उसकी मदद कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत पर अमेरिका और अधिक टैरिफ बढ़ाएगा। इसके जवाब में भारत ने कड़ा और तथ्यों से भरा हुआ बयान जारी किया है।

'आलोचना करने से पहले खुद की तरफ देखें अमेरिका और यूरोप'
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, जो देश भारत की आलोचना कर रहे हैं, उन्हें पहले अपने रूस से व्यापारिक संबंधों पर नजर डालनी चाहिए। सिर्फ भारत ही नहीं, अमेरिका और यूरोप भी आज रूस से ऊर्जा और अन्य संसाधनों का व्यापार कर रहे हैं।

भारत का पलटवार तथ्यों के साथ– यूरोप करता है सबसे ज्यादा व्यापार
2024 में यूरोपीय संघ (EU) का रूस से द्विपक्षीय व्यापार 67.5 बिलियन यूरो रहा। 2023 में यह व्यापार 17.2 बिलियन यूरो का था, जो भारत-रूस व्यापार से कई गुना ज्यादा है। 2024 में EU का LNG (गैस) आयात रूस से 16.5 मिलियन टन रहा, जो 2022 के 15.21 मिलियन टन के रिकॉर्ड को भी पार कर गया।

अमेरिका भी रूस से करता है ये आयात
भारत ने स्पष्ट किया कि अमेरिका खुद भी रूस से कई संसाधनों का आयात करता है:
- यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड – न्यूक्लियर इंडस्ट्री के लिए
- पैलेडियम – इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए
- फर्टिलाइज़र और केमिकल्स

भारत ने क्यों किया रूस से तेल आयात?
विदेश मंत्रालय ने बताया कि जब रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते तेल की आपूर्ति यूरोप की ओर मोड़ी गई थी, तब भारत को किफायती और स्थिर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करनी पड़ी। भारत का उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ भारतीय उपभोक्ताओं को सस्ती और स्थिर ऊर्जा देना था। तब अमेरिका ने ही भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए प्रेरित किया था, ताकि वैश्विक ऊर्जा बाजार स्थिर रहे।

भारत का अंतिम संदेश: राष्ट्रीय हित से समझौता नहीं
भारत अपनी आर्थिक सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। किसी को भी भारत को निशाना बनाने का अधिकार नहीं है।