महानगरपालिका चुनाव से पहले ‘लाडकी बहिन योजना’ की अग्रिम राशि पर रोक, चुनाव आयोग का बड़ा फैसला

महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव से पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने लाडकी बहिन योजना के तहत जनवरी की अग्रिम राशि देने पर रोक लगा दी है। जानिए क्या मिलेगा नियमित लाभ और क्या रहेगा प्रतिबंध।

महानगरपालिका चुनाव से पहले ‘लाडकी बहिन योजना’ की अग्रिम राशि पर रोक, चुनाव आयोग का बड़ा फैसला

महाराष्ट्र में होने वाले महानगरपालिका चुनावों से ठीक पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने ‘लाडकी बहिन योजना’ को लेकर अहम निर्णय लिया है। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि मतदान से एक दिन पहले लाभार्थियों के खातों में जनवरी माह की राशि अग्रिम रूप से नहीं डाली जा सकेगी। राज्य में 29 महानगरपालिकाओं के चुनावों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू है, इसी कारण यह रोक लगाई गई है।

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, चुनाव से पहले शुरू की गई योजनाओं को आचार संहिता की अवधि में जारी रखा जा सकता है। इसी आधार पर ‘लाडकी बहिन योजना’ के तहत नियमित या पहले से लंबित भुगतान की अनुमति दी गई है, लेकिन जनवरी महीने का लाभ समय से पहले देने पर रोक रहेगी। आयोग ने यह भी साफ किया है कि इस दौरान नए लाभार्थियों को योजना में शामिल नहीं किया जा सकेगा।

मकर संक्रांति से पहले भुगतान की खबरों पर बढ़ा विवाद
दरअसल, हाल ही में कुछ खबरें सामने आई थीं जिनमें कहा गया था कि मकर संक्रांति से पहले लाडकी बहनों के खातों में दिसंबर और जनवरी के तीन हजार रुपये जमा किए जाएंगे। इन खबरों के बाद राज्य निर्वाचन आयोग को कई शिकायतें प्राप्त हुईं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने सरकार से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने को कहा था।

मुख्य सचिव की रिपोर्ट के बाद आया स्पष्टीकरण
मुख्य सचिव द्वारा आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट में बताया गया कि 4 नवंबर 2025 को स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के आम चुनावों के लिए आचार संहिता से जुड़ा समेकित आदेश जारी किया गया था। उसी आदेश के आधार पर आयोग ने दोहराया कि योजना का नियमित लाभ दिया जा सकता है, लेकिन चुनावी अवधि में किसी भी तरह का अग्रिम भुगतान या नया चयन आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा।