Trump vs China: रेयर अर्थ मैग्नेट को लेकर ट्रंप का कड़ा बयान, बोले- मेरे पास ऐसे कार्ड हैं जो चीन को बर्बाद कर सकते हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग के साथ बैठक में चीन को लेकर सख्त बयान दिया। ट्रंप ने कहा—उनके पास ऐसे कार्ड हैं, जिनसे चीन की अर्थव्यवस्था बर्बाद हो सकती है। Rare Earth Magnets पर अमेरिका-चीन की टकराहट ने नई भू-राजनीतिक हलचल पैदा की है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के साथ सोमवार को द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान ट्रंप ने चीन को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसने वैश्विक राजनीति और व्यापार जगत का ध्यान खींच लिया। ट्रंप ने कहा कि अगर वे चाहें तो चीन को बर्बाद कर सकते हैं, लेकिन ऐसा करना उनकी प्राथमिकता नहीं है।
'हमारे पास तुरुप के पत्ते हैं'
ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका के पास ऐसे-ऐसे "कार्ड्स" हैं, जिनका इस्तेमाल किया जाए तो चीन की अर्थव्यवस्था को गहरा नुकसान हो सकता है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा— चीन के साथ हमारे बेहतरीन रिश्ते रहेंगे। हां, हमारे पास तुरुप के कई पत्ते हैं, लेकिन मैं उनका इस्तेमाल नहीं करना चाहता। अगर करना पड़ा तो चीन बर्बाद हो जाएगा।
Rare Earth Magnets पर अमेरिका-चीन का टकराव
ट्रंप ने खासतौर पर चीन से मिलने वाले रेयर अर्थ मैग्नेट (Rare Earth Magnets) को लेकर दबाव बनाया। ये मैग्नेट इलेक्ट्रिक वाहनों, पवन टर्बाइनों, हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स और मिसाइल सिस्टम जैसे रक्षा उपकरणों में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं।
दुनिया के करीब 90% Rare Earth Magnets का उत्पादन चीन करता है। चीन ने हाल ही में इन्हें एक्सपोर्ट कंट्रोल लिस्ट में डाल दिया, जिससे अमेरिकी उद्योगों पर सीधा असर पड़ा है।
टैरिफ की ताकत दिखाते ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि अगर चीन सहयोग नहीं करता तो अमेरिका 200% तक टैरिफ लगा सकता है।
उन्होंने कहा— हमारे पास टैरिफ जैसे बहुत ताकतवर हथियार हैं। अगर चीन ने अमेरिका को मैग्नेट सप्लाई नहीं किए तो हम उनके सामान पर इतना टैरिफ लगाएंगे कि उनके लिए व्यापार करना असंभव हो जाएगा।
वर्तमान में, अमेरिका चीन से आने वाले उत्पादों पर औसतन 145% टैरिफ वसूल रहा है। जवाबी कार्रवाई में चीन ने अमेरिकी सामानों पर 125% टैरिफ लगाया है, खासकर कृषि, ऑटो पार्ट्स और हाई-टेक सेक्टर में।
'पिछले राष्ट्रपति बिजनेसमैन नहीं थे'
ट्रंप ने पिछले अमेरिकी राष्ट्रपतियों पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि अमेरिका को रेयर अर्थ मैग्नेट के लिए चीन पर निर्भर नहीं होना चाहिए था। लेकिन अब हालात बदलेंगे।
उन्होंने दावा किया कि हमारे पास जल्द इतने ज्यादा मैग्नेट होंगे कि हमें समझ नहीं आएगा कि उनका इस्तेमाल कहां करें।
चीन से रिश्ता बिगड़ेगा या बनेगा?
ट्रंप ने हालांकि यह भी जोड़ा कि चीन एक “महान देश” है और उनका इरादा संबंध बिगाड़ने का नहीं है। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बात की थी और भविष्य में चीन यात्रा का भी संकेत दिया।


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