किस भगवान को मानें सबसे बड़ा? युवती के सवाल पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का अनोखा जवाब
बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान के स्वरूप पर बड़ा बयान दिया। जब उनसे पूछा गया कि हिंदू धर्म में इतने देवी-देवता हैं तो किसे सबसे बड़ा माना जाए, तो बाबा ने सोने और मिट्टी का उदाहरण देकर समझाया कि चाहे आप राम, कृष्ण, शिव या हनुमान की पूजा करें, सबका लक्ष्य परमात्मा ही है। जानिए, बाबा ने कैसे युवाओं की शंका दूर की।
इंडिया टीवी के लोकप्रिय शो ‘आप की अदालत’ में इस हफ्ते पहुंचे थे बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री। मंच पर जब उनसे सवाल पूछे गए तो उन्होंने बड़ी सहजता और आध्यात्मिक अंदाज़ में जवाब दिए।
जनता का सवाल: किस भगवान को सबसे बड़ा मानें?
कार्यक्रम के दौरान एक महिला दर्शक ने बागेश्वर बाबा से सीधा सवाल किया—“आज के युवाओं के मन में कन्फ्यूजन है कि हिंदू धर्म में इतने सारे देवी-देवता हैं, तो आखिर किस भगवान को सबसे बड़ा माना जाए?”
बागेश्वर बाबा का जवाब: 'सोना सोना ही होता है'
बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बड़े सहज अंदाज़ में उदाहरण देते हुए कहा— मान लो कोई आदमी सोने की दुकान पर गया। उसने सोने की अंगूठी खरीदी, सोने का ब्रेसलेट खरीदा और सोने का मंगलसूत्र भी खरीदा। अब वह दुकानदार से पूछे कि इनमें सबसे बड़ा सोना कौन है… तो जवाब क्या होगा? सोना तो सोना ही है, रूप चाहे अंगूठी का हो या मंगलसूत्र का।
मिट्टी और बरगद का उदाहरण
बाबा ने आगे कहा— जैसे मिट्टी से कुल्हड़ भी बनता है, थाली भी बनती है और मटका भी बनता है। उसी तरह परमात्मा एक ही है, चाहे वह राम हों, कृष्ण हों, शिव हों या हनुमान। बरगद की किसी भी टहनी से चढ़ना शुरू करो, आखिर में पहुंचोगे तो बरगद की जड़ तक ही।
बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने साफ शब्दों में कहा कि आप चाहे किसी भी भगवान की पूजा करो, अंततः पहुंचोगे तो उसी परमात्मा तक। इसलिए विवाद करने की जरूरत नहीं, आस्था जिस रूप में हो, वही सर्वोच्च है।


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